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24 Jan 2026, Sat

छत्तीसगढ़ में पुलिस की बर्बरता: बर्खास्त महिला शिक्षिकाओं को आधी रात घसीटा सड़क पर वीडियो हो रहा वायरल…?

छत्तीसगढ़,,,  राजधानी रायपुर में हाल ही में हुई एक बर्बर घटना ने राज्य की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं! बर्खास्त महिला शिक्षाकर्मियों के आंदोलन के दौरान पुलिस ने न केवल उनका शारीरिक शोषण किया! बल्कि उन्हें सरेआम सड़क पर घसीटा! जिससे कई महिला शिक्षिकाओं को गंभीर चोटें आईं! इस घटनाक्रम के बाद से पुलिस के खिलाफ कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं! जिनमें अमानवीय व्यवहार और महिला अधिकारों का उल्लंघन शामिल हैं!

यह घटना 19 जनवरी की रात लगभग 11 बजे रायपुर के सिविल लाइंस क्षेत्र में घटित हुई! जब बर्खास्त शिक्षाकर्मी अपनी नौकरी की बहाली की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे! प्रदर्शन के दौरान पुलिस और शिक्षकों के बीच झड़प हुई! जिसके बाद पुरुष पुलिसकर्मियों ने महिलाओं के साथ अमानवीय व्यवहार करना शुरू कर दिया! और कई महिलाओं को खींचते हुए सड़क पर गिरा दिया गया! और उनमें से कुछ की तो कपड़े तक फट गए! जिससे वे खून से लतपथ हो गई!

इस घटना में घायल हुई लक्ष्मी जुर्री नामक शिक्षिका ने बताया कि चार पुरुष पुलिसकर्मी उनके ऊपर गिर गए! जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं! उनकी हालत काफी गंभीर है! और उन्हें उपचार के लिए डॉ. भीमराव आंबेडकर अस्पताल में भर्ती कराया गया! अस्पताल में भर्ती पांच महिला शिक्षिकाओं में से तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है! इस घटना के बाद से पूरे प्रदेश में आक्रोश फैल गया है! और लोग पुलिस के इस कृत्य की कड़ी निंदा कर रहे हैं!

प्रदर्शनकारियों का आरोप है! कि पुलिस ने जानबूझकर महिला शिक्षकों को निशाना बनाया और उनका शारीरिक उत्पीड़न किया! कई लोगों ने कहा कि यह घटना महिला सशक्तिकरण और समान अधिकारों की दिशा में एक बड़ा धक्का है! बर्खास्त शिक्षाकर्मियों के आंदोलन का हिस्सा बनने के कारण पुलिस ने न केवल उनके विरोध प्रदर्शन को दबाने की कोशिश की, बल्कि उनके साथ अमानवीय तरीके से बर्ताव किया!

यह घटना छत्तीसगढ़ में शिक्षा व्यवस्था और महिला अधिकारों को लेकर गंभीर सवाल खड़ा करती है! क्या राज्य की पुलिस ऐसी बर्बरता को बढ़ावा देने वाली है? क्या सरकार इस कृत्य पर उचित कार्रवाई करेगी? इन सवालों का जवाब अब प्रदेश के नागरिक और संबंधित अधिकारी ही देंगे!

राज्यभर में पुलिस की बर्बरता को लेकर विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं! लोगों का कहना है! कि महिला शिक्षकों के साथ इस प्रकार का बर्ताव बिल्कुल अस्वीकार्य है! और उन्हें न्याय मिलना चाहिए! अब यह देखना होगा कि राज्य सरकार इस मामले में कितनी जल्दी कार्रवाई करती है! और क्या पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई की जाएगी!

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प्रधान संपादक -हरबंश सिंह होरा
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