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20 Jan 2026, Tue

सत्ता का मतलब भूमाफियाओं के लिये कुछ भी करना हो गया है ?यंहा तक कि इनके लिए न्यायलयीन प्रक्रिया का दुरुपयोग भी सम्भव है ? न्यायालय उपखंड मजिस्ट्रेट, बिलासपुर द्वारा पारित आदेश दिनांक 15/11/2021 अनुसार, थाना सिटी कोतवाली द्वारा पूर्व में CRPC -145 के अंतर्गत की गयी कार्यवाही का मेरिट के आधार पर न केवल निराकरण हो चूका है बल्कि असल मालिक को अपनी शनिचरी बाजार,बिलासा चौक स्थित दुकान का कब्जा भी प्राप्त हो चुका है ! और केशरवानी परिवार अपनी उक्त दुकान में व्यवसाय कर शांति पूर्वक जीवन निर्वाह भी कर रहे है ! एक तीसरा पक्ष जो न वादी है और न ही प्रतिवादी है, ने एक झूठा आवेदन/परिवाद, उसी न्यायालय उपखंड मजिस्ट्रेट बिलासपुर में दायर किया है जिस न्यायालय से पूर्व ने दिनांक 15/11/2021 को केशरवानी परिवार के पक्ष में न केवल आदेश पारित हुआ बल्कि उक्त आदेश का EXECUTION भी हो चुका है ! विशेष उल्लेखनीय यह है कि कानून अनुसार जिस न्यायालय से फाइनल आदेश पारित होता है उसी न्यायालय में उस एक ही प्रकरण में परिवाद दायर नही किया जा सकता है ! जानकर बताते है कि न्यायालय, श्रीमान उपखण्ड मजिस्ट्रेट बिलासपुर के किसी भी आदेश के खिलाफ केवल श्रीमान DJ साहब के यंहा ही कार्यवाही की जा सकती है ! लेकिन आश्चर्य की बात यह है कि एक ऐसे व्यक्ति ने जिनका प्रकरण से कोई लेना-देना नही,जो न तो उक्त दुकान का मालिकाना हक रखता है और न किरायेदार है ? फिर भी तृतीय पक्ष के परिवाद /शिकायत पर न्यायालय उपखंड मजिस्ट्रेट बिलासपुर द्वारा परिवाद को रजिस्टर कर समन्स जारी कर दिया ? जबकि पीड़ित केशरवानी परिवार का आरोप है कि ऐसा मात्र राजनीतिक पहुँच का इस्तेमाल कर, परेशान करने मात्र के उद्देश्य से किया जा रहा है ! जब कोई सतारूढ़ सरकार का नुमाइंदा ऐसे विवादों में अप्रत्यक्ष रूप से शामिल हो जाये तो शासन-प्रशासन द्वारा कानूनी प्रक्रिया के दुरुपयोग की संभावना से इनकार नही किया जा सकता है ! सूत्र बताते है कि झूठी शिकायत कर्ता को सत्ता में पहुँच एवँम दमखम रखने वाले गोंड़पारा के एक कांग्रेसी नेता की उक्त कीमती ओर मौके की दूकान पर कब्जा करने की योजना है ?

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प्रधान संपादक -हरबंश सिंह होरा
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