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6 Feb 2026, Fri

झूठी FIR से परेशान छात्र ने आईजी और एसपी से लगाई न्याय की गुहार, कहे- ‘मैं शहडोल में था, फिर भी मेरे खिलाफ हुई मारपीट की शिकायत…

बिलासपुर,,, अटल बिहारी वाजपेई विश्वविद्यालय के बीकॉम ऑनर्स के छात्र शशांक सिंह उर्फ लक्की सिंह ने एक झूठे मारपीट के मामले में फंसाने का आरोप लगाते हुए एसपी और आईजी से न्याय की मांग की है! उनका दावा है!

कि 10 मार्च 2025 को जब वह अपने दोस्तों के साथ शहडोल में था! उसी दिन उनके खिलाफ सिविल लाइन थाने में मारपीट का आरोप लगाकर एक झूठी FIR दर्ज कराई गई! छात्र ने इस मामले में पूरी जांच और मोबाइल लोकेशन समेत सभी संभावित साक्ष्यों को प्रस्तुत करने की मांग की है!

क्या है पूरा मामला?

शशांक सिंह ने बताया कि 10 मार्च को वह अपने दोस्त राजदेव सिंह और राजेंद्र पाली के साथ शहडोल गया था! वह अपनी कार में अमरकंटक की ओर से आ रहा था! और रास्ते में विभिन्न टोल नाकों से होकर गुजरा था! छात्र ने कहा कि वह शाम 6 बजे के आसपास शहर में नहीं था! बल्कि अमरकंटक के पास पहुंच चुका था! उसने अपने स्नैपचैट अकाउंट पर रात 7:20 बजे लाइव वीडियो भी शेयर किया! जिसमें वह खुद और उसके दोस्त दिख रहे थे!

इसके बावजूद, संस्कार पांडे नामक व्यक्ति ने जो कि शशांक के कॉलेज का साथी है! 10 मार्च को सिविल लाइन थाने में एक झूठी मारपीट की शिकायत दर्ज करवा दी! शशांक का कहना है! कि यह सब एक पुरानी रंजिश के कारण किया गया! ताकि उसे फंसाया जा सके!

मोबाइल लोकेशन और साक्ष्यों का हवाला

शशांक ने अपनी शिकायत में अपने और अपने दोस्तों के मोबाइल लोकेशन की जांच करने की मांग की है! इसके अलावा, उसने अपने साथ की कार का वीडियो और फोटो भी एसपी और आईजी के पास भेजा है! ताकि यह साबित हो सके कि वह शहर से बाहर था! और इस घटना के समय वह कहीं और था! छात्र का आरोप है! कि संस्कार पांडे ने जानबूझकर उसे झूठे आरोपों में फंसाया है! और अब वह निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है!

धारा 182/211 का हो सकता है! मामला

शशांक ने बताया कि यदि यह साबित हो जाता है! कि शिकायत झूठी थी! तो संस्कार पांडे के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 182 और 211 के तहत कार्रवाई हो सकती है! इन धाराओं के तहत झूठी शिकायत दर्ज कराने पर आरोपित के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाती है! और ऐसा करने वाले को सजा भी हो सकती है!

निष्कलंक जांच की अपील

शशांक ने आईजी और एसपी से अपील की है! कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और अगर यह झूठी शिकायत साबित होती है! तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए! वह चाहते हैं! कि संस्कार पांडे को झूठे आरोपों में फंसाने की सजा दी जाए! ताकि भविष्य में कोई भी किसी की इज्जत और प्रतिष्ठा से खेलने की कोशिश न करे!

वर्तमान में इस मामले में पुलिस प्रशासन द्वारा जांच की जा रही है! और छात्र ने यह भी कहा कि इस मामले को लेकर वह कोई समझौता नहीं करेंगे, क्योंकि यह उनकी प्रतिष्ठा और भविष्य से जुड़ा हुआ सवाल है!

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प्रधान संपादक -हरबंश सिंह होरा
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