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23 Jan 2026, Fri

सिम्स चौकी के मोटा साहब फिर विवादों में! पोस्टमार्टम के नाम पर रुपए मांगने का वीडियो वायरल, पहले भी फर्जीवाड़े और वसूली के आरोपों से बदनाम हो चुका है चौकी प्रभारी…

बिलासपुर,,,, सिम्स के मोटा मोटा पुलिस वाले साहब ने महकमे को पुन्नी की तरह बदनाम कर दिया… रस्सी को सांप बनाने वाले इस साहब की 2 और गंभीर शिकायतें भी सामने आ चुकी है! पर न जाने किसका वरदहस्त है! कि उनकी चौकी वाली कुर्सी डोल ही नहीं रही है! ताजा मामला ग्रामीण से जल्दी पोस्टमार्टम कराने के एवज में 7_8 सौ रुपए मांगने का है! जिसका वीडियो भी वायरल हो रहा है!


आप खुद देखिए सिम्स के मर्चुरी में मृतक का बेटा कैसे पुलिस वाले मोटा साहब के सामने हाथ जोड़कर गिड़गिड़ाते नजर आ रहा है!
मामला कोटा ब्लॉक के ग्राम रिंगरिंगा का है! यहां रहने वाले 64 वर्षीय गणेश सिंह सटारिया को गत 30 अक्टूबर को सड़क पर पसरे मवेशी से टकराने के कारण करीब 6 दिन पूर्व सिम्स में भर्ती कराया गया था!

गत 7 नवंबर को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई, शनिवार को उनका शव सिम्स की मर्चुरी भेज दिया गया… परिजनों का आरोप है! कि पुलिस वाले मोटा साहब ने जल्दी पोस्टमार्टम कराने 500 सौ और मर्चुरी के एक कर्मचारी ने मृतक के बेटे भारत सिंह से 300 रुपए की मांग की… मृतक का बेटा भारत सिंह ने कहा कि उसका सारा पैसा मृतक के उपचार और खानपान में खतम हो गया है!

उसके पास देने के लिए पैसे ही नहीं है! तब उन लोगों ने उससे ऑनलाइन या ऑफलाइन पैसा देने पर ही डेड बॉडी देने की शर्त रख दी… मामला प्रदेश के सबसे दूसरे बड़े मेडिकल कॉलेज सिम्स और न्यायधानी के पुलिस महकमे को शर्मशार करने वाला है!

मृतक का बेटा



गौरतलब है! कि इससे पहले भी सिम्स पुलिस चौकी के प्रभारी द्वारा  सर्प दंश से मृत मरीज के परिजनों से केस को फाइनल और मजबूत करने के नाम पर पहले सायकल स्टैंड के संचालक के मार्फत ऑनलाइन भुगतान लेने और फिर सौदा न पटने पर ऑनलाइन रकम वापस करने और खुद बाइक से गिरे युवक की मौत के मामले में एक्सीडेंटल केस बनाने का मामला सामने भी आया और शिकायत भी हुई…


इतना ही नहीं सिम्स चौकी पुलिस सिम्स स्टॉप संबंधित थाने की पुलिस और राजस्व विभाग की भी सर्पदंश के नाम पर फर्जी मामला बनाकर राशि का गबन करने का मामला भी सामने आ चुका है! जिसको लेकर स्मार्ट सिटी नागलोक के नाम से फेमस न्यायधानी के एक विधायक ने विधानसभा में मामला भी उठाया… जिसको लेकर विधानसभा सचिवालय ने करीब ऐसे पौने 200 मामले जांच के लिए जिला प्रशासन को सौंपा है!

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प्रधान संपादक -हरबंश सिंह होरा
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