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22 Jan 2026, Thu

असमाजिक तत्वों ने पूजा सामग्री की दुकान में लगा दी आग, आगजनी में 80 से 90 हजार रुपये का नुकसान, पुलिस ने ना ही एफआईआर दर्ज किया न ही कोई कार्यवाही।

तारबाहर थाना अंतर्गत अज्ञात असमाजिक तत्वों ने एक पूजा सामग्री की दुकान में आग लगा दी। इस आगजनी में दुकानदार को 80 से 90 हजार रुपये का नुकसान हो गया। पीड़ित दुकानदार 4 दिनों से एफआईआर के लिए थाने के चक्कर काट रहा है लेकिन अब तक पुलिस ने ना ही एफआईआर दर्ज किया न ही कोई कार्यवाही की।

एक बार फिर से तारबाहर पुलिस का अमानवीय चेहरा सामने आया है। दरअसल थाना तारबाहर अंतर्गत गायत्री मन्दिर के पास फूल और पूजा पाठ की सामग्री बेचने वाले दुकानदार मिथुन ने बताया कि उनकी दुकान को बीते 30 अप्रेल को अज्ञात असामाजिक तत्वों ने आग के हवाले कर दिया था। दुकान में रखा 80 से 90 हजार रुपये का फूल और पूजा सामग्री जलकर खाक हो गये। जिसकी शिकायत के लिए वे लगातार 30 अप्रेल से थाना तारबाहर के चक्कर काट रहे है लेकिन अबतक पुलिस ने एफआईआर दर्ज नही किया है। पुलिस की इस बड़ी लापरवाही की वजह से अज्ञात असामाजिक तत्व बुलन्द हौसलों के साथ खुले में घूम रहे है। दुकानदार का आरोप है कि तारबाहर पुलिस दुकानदार से ही सबूत लेकर आने को कह रही है। जिसके चलते दुकानदार खुद परेशान है। दुकानदार ने जी न्यूज के माध्यम से अज्ञात असमाजिक तत्वों के खिलाफ कार्यवाही करने की गुहार लगाई है।

बहरहाल जब थाना तारबाहर पुलिस ने पीड़ित दुकानदार को ही सबूत इकट्ठा कर थाने लेकर आने की बात कही, तो पीड़ित दुकानदार ने घटनास्थल का सीसीटीवी फुटेज इकट्ठा किया। जिसमें पीड़ित दुकानदार के दुकान में घुसकर आग लगाते हुए एक बदमाश नजर भी आ रहा है। इसकी जानकारी भी बाकायदा पीड़ित ने थाना तारबाहर पहुंचकर पुलिस को दी। जिस पर तत्काल अमल करते हुए कार्यवाही करने की बजाय तारबाहर पुलिस फिर से पीड़ित दुकानदार को सीसीटीवी फुटेज में दिख रहे आरोपी के बारे में पता करके वापस थाने आने की बात कहते हुए उसे थाने से चलता कर दिया गया। जिस तरह से थाना तारबाहर पुलिस एफआईआर लिखे बगैर पिछले 4 दिनों से पीड़ित को घुमा रही है उससे तारबाहर पुलिस का दोहरा चरित्र निकलकर सामने आ रहा है। एक ओर एसपी आमजनों से दोस्ताना और अच्छा व्यवहार करने की थानेदारों को हिदायत दे रहे है दूसरी तरफ तारबाहर पुलिस के द्वारा शिकायतकर्ताओं के साथ ऐसा बर्ताव अशोभनीय है।जिसपर जरूरत है अमल कर वैधानिक कार्यवाही करने की।

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प्रधान संपादक -हरबंश सिंह होरा
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