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कलशों की गिनती नहीं, आस्था की सुनामी थी—15 हजार मातृशक्ति, एक रंग की साड़ियाँ और जय श्रीराम के जयघोष संग बिलासपुर बना रामनगरी, महाकलश यात्रा ने रचा छत्तीसगढ़ में भक्ति का नया इतिहास…

बिलासपुर,,, श्रीराम कथा के शुभारंभ से पहले ही बिलासपुर नगर रामभक्ति में सराबोर हो उठा… 12 जनवरी से संत श्री विजय कौशल जी महाराज के श्रीमुख से होने जा रही श्रीराम कथा के पूर्व रविवार को नगर में ऐसी ऐतिहासिक और विराट महा कलश यात्रा निकली, जिसने धार्मिक आयोजनों के सारे पुराने मानक तोड़ दिए… श्रद्धा, अनुशासन और भव्यता से सजी यह यात्रा बिलासपुर ही नहीं, पूरे छत्तीसगढ़ अंचल में मिसाल बन गई…!

श्री जगन्नाथ मंगलम से उठा आस्था का सैलाब…


महाकलश यात्रा का शुभारंभ श्री जगन्नाथ मंगलम से शुरू हुआ… जो नगर के प्रमुख मार्गों से होती हुई लाल बहादुर शास्त्री स्कूल परिसर स्थित कथा स्थल तक पहुँची… मार्ग के दोनों ओर श्रद्धालुओं की भीड़, पुष्पवर्षा और “जय श्रीराम” के जयघोष से पूरा शहर भक्ति में डूब गया…

एक रंग, एक भाव, एक श्रद्धा— अनुपम दृश्य…

पारंपरिक वेशभूषा में, एक ही रंग की साड़ियों में सजी हजारों महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर जिस अनुशासन और भक्ति भाव से यात्रा निकाली, वह दृश्य अविस्मरणीय रहा…

हाथों में भगवा ध्वज, मुख पर श्रद्धा और कदमों में विश्वास—यह महा कलश यात्रा केवल आयोजन नहीं… बल्कि आस्था का विराट उत्सव बन गई!

नगर के हर चौक पर भक्ति की गूंज….

पुराना बस स्टैंड, अग्रसेन चौक, सत्यम चौक, मध्य नगरीय चौक, सराफा लाइन, सदर बाजार और गोल बाजार से गुजरती इस यात्रा ने पूरे शहर को राममय कर दिया… मार्ग में निकली आकर्षक झांकियों ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया… जगह-जगह श्रद्धालुओं द्वारा लगाए गए स्टालों से पुष्प वर्षा होती रही… जिससे यात्रा की भव्यता और बढ़ती चली गई…!

इतिहास में दर्ज हुई महाकलश यात्रा...

आयोजन समिति के अनुसार इस महाकलश यात्रा में 15 हजार से अधिक महिलाओं ने सहभागिता की! बिलासपुर नगर में अब तक आयोजित सभी धार्मिक आयोजनों में यह यात्रा सबसे विशाल, अनुशासित और भव्य मानी जा रही है! संभवतः यह छत्तीसगढ़ अंचल की अब तक की सबसे बड़ी कलश यात्रा रही… जिसने जनसहभागिता का नया कीर्तिमान स्थापित किया!

अमर अग्रवाल का भावनात्मक आह्वान…

कथा स्थल पर यात्रा के पहुँचने पर आयोजन के मुख्य संरक्षक अमर अग्रवाल ने कलश यात्रियों का स्वागत करते हुए आभार व्यक्त किया!उन्होंने श्रद्धालुओं से श्रीराम कथा में नियमित रूप से शामिल होकर अपने जीवन में राम तत्व को आत्मसात करने का आग्रह किया! उनका यह संबोधन श्रद्धा और संयम से ओतप्रोत रहा…!

नगर के गणमान्य जन रहे उपस्थित…

इस अवसर पर महेशचंद्र अग्रवाल, मोती सुल्तानिया, गुलशन ऋषि, गोपाल शर्मा, सुनील सोंथालिया, सुरेश चंद्र गोयल सहित राम कथा आयोजन समिति के सभी सदस्य मौजूद रहे…!

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प्रधान संपादक -हरबंश सिंह होरा
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