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22 Jan 2026, Thu

संभाग के सबसे बड़े सिम्स अस्पताल की बड़ी खबर,,ICU वार्ड से 42 AC का कॉपर वायर हुवा चोरी झुलस रहे मरीज और परिजन अब तक FIR नही हुवा दर्ज

बिलसापुर—संभाग के सबसे बड़े अस्पताल सिम्स की दुर्दशा किसी से छिपी नहीं है। यद्यपि हाईकोर्ट की नजर सिम्स की एक एक गतिविधियों पर है। उसके बावजूद इसके करामातियों ने नया कारनामा कर दिया है। प्रबंधन के नाक के नीचे से ICU मेल वार्ड नंबर,3 में लगे करीब 42 AC का कापर वायर पार कर दिया है। मामला करीब 10 दिन पुराना है। आज तक मरीज और परिजन 42 डिग्री पारा में झुलसने को मजबूर हैं। बहरहाल सोमवार को टीएल बैठक में कलेक्टर अवनीश शरण ने फटकार के बाद प्रबंधन की बैचैनी बढ़ गयी है। बावजूद इसके प्रबंधन ने अभी तक चिन्हित चोरों के खिलाफ अपराध दर्ज नहीं किया है।

बाहर से ज्यादा अन्दर का तापमान

जानकारी देते चलें कि सिम्स इस समय हाईकोर्ट और कलेक्टर के निगरानी में है। बावजूद इसके सिम्स के साथ मरीजों और परिजनों का दर्द कम होने का नाम नहीं ले रहा है। सिम्स में तीसरे फ्लोर स्थित ICU के मेल वार्ड नंबर, 3 के 42 AC का कॉपर वायर चोरी हो गयी है। पिछळे दस दिनों से कोई भी AC नहीं चल रहा है। मजेदार बात है कि अभी तक किसी AC का पन्नी भी नहीं निकला है। लेकिन सभी का कॉपर वायर चोरी हो गया। इसके चलते ICU की हालत बद से बदतर स्थित में है। मरीजों को पंखों से गर्म हवा दी जा रही है। इसके चलते बाहर के 42 डिग्री पारा से कही अधिक ICU का पारा बढ़ गया है। ICU में इलाज करा रहे मरीज और डॉक्टर पसीने पसीने हैं। 42 डिग्री पारा के बीच परिजन सिम्स के कारि़डोर में अपने हाथों पंखा झेलने को लाचार दिख रहे हैं।

बताते चलें कि कोरोना काल के दौरान सिम्स स्थित ICU मेल वार्ड नंबर, 3 का निर्माण किया गया। मरीजों के लिए तत्कालीन सरकार ने नये वार्ड में कुल 42 AC लगवाया। कई AC का अभी तक पन्नी भी नहीं उतरा है। लेकिन प्रबंधन के ही लोगों ने वार्ड में लगे 42 AC का कॉपर वायर पार कर दिया है। जिसके चलते सभी AC पिछले दस दिनों से बन्द हैं।

कर्मचारी ने बताया.नहीं आते सीनियर

नाम नहीं छापने की सूरत में अस्पताल से रिश्ता रखने वाले एक व्यक्ति ने बताया कि AC नहीं चल रही है। इसकी जानकारी प्रबंधन को है। बावजूद इसके ध्यान नहीं दिया गया। ICU में क्षमता से अधिक मरीज हैं। सभी को पंखे के सहारे 42 डिग्री पारा का सामना करना पड़ रहा है। परिजनों की हालत भी बीमारों जैसी है। जूनियार डाक्टर भी ऐसी स्थिति में काम करने को मजबूर हैं। सीनियर डाक्टर कुछ पलों के लिए आते हैं। इसके बाद कब आएँगे और कब जायेंगे ये उनकी मर्जी पर है।

दबाने का किया गया प्रयास

व्यक्ति ने बताया कि मामले को दबाने का प्रयास किया गया। लेकिन सोमवार को टीएल बैठक में कलेक्टर ने प्रबंधन को जमकर फटाकारा। उन्होने कहा कि हम खुद सिम्स देखने जाएँगे। बैठक के बाद सिम्स के डीन बेचैन हैं। उन्होने तत्काल एसी को सुधारने का आदेश दिया है।

टीएल बैठक में कलेक्टर की फटकार

मंथन में टीएल बैठक में कलेक्टर अवनीश शरण ने सिम्स प्रबंधन और डीन को जमकर फठकारा। उन्होने कहा कि घर की ऐसी का कापर वायर क्यों चोरी नहीं होती सवाल उठता है कि हमेशा भीड़भाड़ वाले अस्पताल से 42 AC का कापर वायर कैसे चोरी हो गया। मैं मंगलवार को सिम्स पहुंच रहा हूं। इसके अलावा कलेक्टर ने तत्काल AC ठीक करने को कहा है। इस दौरान डीन ने संविदा कर्मचारियों की तरफ कापर वायर चोरी का अँदेशा जाहिर किया।

कलेक्टर निरीक्षण को लेकर हलचल

टीएल बैठक में कलेक्टर की फटकार और निरीक्षण की बात को लेकर सिम्स प्रबंधन में हलचल मच गयी है। मजेदार बात यह है कि ना केवल मेल वार्ड 3 का बल्कि अन्य वार्डों के भी AC नहीं चल रहे हैं। जिसको लेकर डीन के.के.सहारे और प्रबंधन बेचैन हो गया है।

सिम्स में बड़ी चोरी लेकिन FIR दर्ज नहीं

बहरहाल मरीज अपनी बीमारी से बचे या न बचे। लेकिन ICU में भीषण गर्मी से बचना मुश्किल है। मरीज के साथ पहुंची एक महिला ने बताया कि तीन दिन से परेशान हूं। पति का हालत बहुत गंभीर है। गर्मी से पति की हालत बहुत ही खराब है। अपने साथ उनका भी पसीना पोछती हूं। रात को नींद भी नहीं आती है। जिनके पास पैसा था वे लोग सिम्स छोड़कर कहीं दूसरे जगह चले गए हैं।

हाईकोर्ट की निगरानी फिर भी हालत ऐसी

जानकारी देते चलें कि हाईकोर्ट का सिम्स पर लगातार नजर है। कलेक्टर भी निगरानी करते हैं। बावजूद इसके आधा सैकड़ा AC का कापर वायर का चोरी होना..सोचने वाली बात है। क्या हाईकोर्ट इस बात को संज्ञान में लेगा। या फिर प्रबंधन कलेक्टर के कोप भाजन से कैसा बचता है देखने वाली बात होगी।

ठेकेदार नहीं अपने मद करेंगे ठीक

मामले में सिम्स के डीन ने बताया कि फिलहाल मरम्मत का ठेका अभी नहीं हुआ है। इसलिए AC की मरम्मत हम बजट से करेंगे। कॉपर वायर की चोरी हुई है। हम पता लगाएंगे किसनी चोरी की है। लेकिन FIR दर्ज हुआ या नहीं ये सवाल पर डीन ने कोई जवाब नहीं दिया।

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प्रधान संपादक -हरबंश सिंह होरा
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