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25 Jan 2026, Sun

बिलासपुर जिले में गौ हड्डी और मांस का अवैध व्यापार, गौ सेवकों ने की प्रशासन से सख्त कार्यवाई की मांग…

बिलासपुर,,,  जिले के ग्राम हरदी के पास फिर से गौ हड्डियों और मांस के टुकड़ों का अवैध व्यापार उजागर हुआ है! जो डेड  साल पहले पुलिस प्रशासन और गौ सेवकों की संयुक्त कार्रवाई में यहां गौ मांस और हड्डी व्यापार केंद्र पर छापेमारी कार्यवाई की गई थी! जिसमें कई अपराधियों के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध भी किए गए थे! अब, एक बार फिर उसी इलाके में गौ माता की हड्डियाँ और मांस के टुकड़े गाड़ियों पर मिले हैं! जो एक गंभीर चिंता का विषय बन गए हैं!

गौ सेवकों द्वारा पकड़े गए दो अपराधियों से पूछताछ में यह जानकारी सामने आई कि वे लगभग 60-70 गौवंश की हड्डियाँ लेकर जा रहे थे! इन अपराधियों ने बताया कि वे हड्डियों को बिलासपुर के पास स्थित ग्राम हरदी से लेकर धरसींवा के पास मेराज फर्टीलाइजर नामक कंपनी में सप्लाई करने जा रहे थे! सवाल यह उठता है! कि क्या फर्टीलाइजर कंपनियां गौ हड्डियों का इस्तेमाल करती हैं! और क्या यह एक कानूनी व्यापार है!

गौ सेवकों और स्थानीय लोगों का कहना है! कि इस कंपनी पर जांच होनी चाहिए! और ऐसी अवैध गतिविधियों में लिप्त कंपनियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए! यह भी पूछा जा रहा है! कि राज्य सरकार इस मामले में सक्रिय क्यों नहीं है! और गौ हड्डी और मांस के अवैध व्यापार पर रोक क्यों नहीं लगाई जाती!

गौ सेवकों का कहना है! कि बिलासपुर, रायपुर, रायगढ़ और कोरबा जैसे शहरों में जहां मृत गायों को दफनाया जाता है! वही प्रक्रिया ग्रामीण क्षेत्रों में भी शुरू होनी चाहिए! इसके अलावा, उन्होंने मांग की है! कि रायपुर से लेकर सिमगा तक के बीच स्थित हड्डी गोदामों और गौ मांस के व्यापार पर पाबंदी लगाई जाए!

गौ सेवकों ने प्रशासन और सरकार से एक माह के भीतर कार्रवाई की मांग की है! वरना वे स्वयं इन गोदामों पर कड़ी कार्रवाई करने के लिए बाध्य होंगे! उनका कहना है! कि यदि एक महीने में इन अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं की गई! तो वे सख्त कदम उठाने के लिए तैयार हैं!

यह घटना न केवल गौ सेवा से जुड़े लोगों के लिए, बल्कि पूरे समाज के लिए भी एक गंभीर चेतावनी है! अगर समय रहते इस अवैध व्यापार पर काबू नहीं पाया गया! तो इसके परिणाम दूरगामी हो सकते हैं! अब यह देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में किस प्रकार की कार्रवाई करता है! और क्या गौ सेवकों की मांगों को गंभीरता से लिया जाता है!

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प्रधान संपादक -हरबंश सिंह होरा
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